रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन की शासनाध्यक्ष परिषद की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। दो दिवसीय बैठक में सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को अधिक व्यावहारिक बनाने पर विचार होगा।\n\nरक्षा मंत्रालय के अनुसार चर्चा का केंद्र व्यापार, अर्थव्यवस्था, निवेश, संपर्क, नवाचार और सांस्कृतिक-मानवीय आदान-प्रदान रहेगा। प्रतिनिधि चल रही सहयोग पहलों की प्रगति की समीक्षा करेंगे और संगठन के वित्तीय तथा संस्थागत कामकाज से जुड़े निर्णयों पर भी विचार कर सकते हैं।\n\nभारत स्टार्टअप और नवाचार, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना तथा लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में एससीओ तंत्र के भीतर सक्रिय भागीदारी करता रहा है। दुशांबे बैठक सदस्य देशों के साथ व्यावहारिक और परस्पर लाभकारी सहयोग पर विचार साझा करने का अवसर देगी। ऐसे मंचों पर भारत के लिए संपर्क परियोजनाओं की पारदर्शिता, संप्रभुता और दीर्घकालिक आर्थिक उपयोगिता जैसे सिद्धांत महत्वपूर्ण संदर्भ बने रहते हैं।