केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने एम्स राजकोट में उन्नत रेडियोथेरेपी सुविधा का उद्घाटन किया, प्रत्येक नागरिक को बेहतर कैंसर उपचार उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) राजकोट में उन्नत रेडियोथेरेपी सुविधा को राष्ट्र को समर्पित किया।
दिनांक: 2 नवंबर 2026
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केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) राजकोट में उन्नत रेडियोथेरेपी सुविधा को राष्ट्र को समर्पित किया। आधुनिक रेडियोथेरेपी उपचार तकनीकों से लैस यह सुविधा राजकोट और सौराष्ट्र क्षेत्र के लोगों को कैंसर का विशेष उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत एम्स राजकोट में लगभग 39 करोड़ रुपये की लागत से यह सुविधा स्थापित की गई है। इसका उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के बीच अंतर को कम करना है।
इस अवसर पर श्री नड्डा ने कहा कि कैंसर मरीजों और उनके परिवारों पर चिकित्सा, भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक बोझ डालता है। उन्होंने कहा कि समय पर उपचार बेहद जरूरी है और किसी भी व्यक्ति को अपने क्षेत्र या आर्थिक स्थिति के कारण बेहतर कैंसर उपचार से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस सुविधा से विशेष रूप से सौराष्ट्र और कच्छ के लोगों को लाभ होगा। उन्हें पहले विशेष उपचार के लिए अहमदाबाद और मुंबई जैसे दूर के शहरों में जाना पड़ता था। उन्होंने इसे क्षेत्र में कैंसर उपचार की पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
श्री नड्डा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एम्स के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में पहले केवल नई दिल्ली में एक एम्स था। अब 22 में से 18 एम्स संस्थान काम कर रहे हैं। इससे उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ी है। उन्होंने मरीजों को उचित उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न स्तरों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कैंसर की रोकथाम और समय रहते बीमारी का पता लगाने पर बल देते हुए श्री नड्डा ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से चलाए जा रहे जांच अभियानों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 से अब तक उच्च रक्तचाप और मधुमेह की लगभग 44-44 करोड़ जांच की गई हैं। वहीं, मुंह के कैंसर के लिए लगभग 37 करोड़ 70 लाख लोगों की जांच की गई। इनमें करीब ढाई लाख मरीज सामने आए। इसी तरह स्तन कैंसर के लिए लगभग 17 करोड़ 70 लाख महिलाओं की जांच की गई। इनमें करीब 95 हजार मामले सामने आए। गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की जांच के लिए 9 करोड़ 80 लाख महिलाओं की जांच की गई। इनमें लगभग एक लाख मरीज सामने आए। उन्होंने कहा कि समय पर बीमारी का पता चलने से मरीजों को जल्द उपचार मिल सकता है और उनके ठीक होने की संभावना बढ़ती है।
स्वास्थ्य मंत्री ने लैंसेट की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया कि कैंसर के 90 प्रतिशत मरीजों का उपचार बीमारी का पता चलने के 30 दिनों के भीतर शुरू हो जाता है। उन्होंने इसका एक कारण आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आर्थिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार बताया। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को इलाज कराने में मदद मिली है। एम्स राजकोट में इस योजना के पात्र लाभार्थियों को कैंसर का उपचार मुफ्त मिलेगा। जबकि अन्य मरीजों को रियायती दरों पर उपचार उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उन पर आर्थिक बोझ कम हो।
गुजरात सरकार में स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रफुल्ल पंशेरिया ने इस सुविधा के उद्घाटन का स्वागत किया। उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्नत रेडियोथेरेपी सुविधा से सौराष्ट्र क्षेत्र के लोगों को काफी लाभ होगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने इस सुविधा के उद्घाटन को एम्स राजकोट के विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धि और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प की दिशा में एक अहम कदम बताया। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के मार्गदर्शन में तैयार राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति-2017 का उल्लेख किया। इस नीति में बीमारी की रोकथाम, स्वास्थ्य संवर्धन, उपचार, पुनर्वास और गंभीर रूप से बीमार मरीजों की देखभाल सहित समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा सभी के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
श्रीमती श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार ने एक लाख 80 हजार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया है। उन्होंने उन्नत उपचार और अनुसंधान में एम्स राजकोट के योगदान, स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत कैंसर जांच और कैंसर की दवाएं सस्ती करने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। इनमें दवाओं के व्यापारिक लाभांश को तर्कसंगत बनाना, अमृत फार्मेसी, जन औषधि केंद्र और बुनियादी सीमा शुल्क में छूट शामिल हैं। उन्होंने भारत में किफायती दरों पर सीएआर-टी सेल थेरेपी उपलब्ध होने की जानकारी भी दी।



