मूल आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित स्रोत-संपादित समाचार। तारीख और कथन उसी विज्ञप्ति के संदर्भ में पढ़ें।
केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास एवं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने दो दिवसीय मिजोरम दौरे के दौरान मिजोरम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से संवाद किया। मंत्रालय की 13 अक्टूबर की विज्ञप्ति के अनुसार, बातचीत में गोवा और चंडीगढ़ से ‘अष्टलक्ष्मी दर्शन’ कार्यक्रम के तहत आए विद्यार्थी भी शामिल हुए।
संवाद का केंद्र पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विविधता, परंपराएँ और विकास की संभावनाएँ रहीं। मंत्री ने कहा कि ऐसे छात्र आदान-प्रदान से दूसरे क्षेत्रों के युवाओं को पूर्वोत्तर को प्रत्यक्ष रूप से समझने, लोगों से मिलने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिलता है।
सरकारी विवरण के मुताबिक, पिछले एक वर्ष में 590 से अधिक विद्यार्थी अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम में भाग ले चुके हैं। योजना का उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों के विद्यार्थियों को पूर्वोत्तर के आठ राज्यों की संस्कृति और विकास के अवसरों से परिचित कराना है। विज्ञप्ति में प्रतिभागियों की स्वतंत्र प्रतिक्रिया या कार्यक्रम के दीर्घकालीन प्रभाव का आकलन उपलब्ध नहीं कराया गया।
मंत्रालय ने इस पहल को युवा भागीदारी, आपसी समझ और लोगों के बीच संपर्क मजबूत करने से जोड़ा है। संवाद में विकसित भारत 2047 की परिकल्पना का भी उल्लेख हुआ। कार्यक्रम की उपयोगिता का बेहतर आकलन प्रतिभागियों के अनुभव, दौरे के बाद उनके जुड़ाव और नियमित परिणाम-रिपोर्टिंग से किया जा सकेगा।