मूल आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित स्रोत-संपादित समाचार। तारीख और कथन उसी विज्ञप्ति के संदर्भ में पढ़ें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में Bloomberg New Economy Forum को संबोधित करते हुए तकनीक, डेटा, ज्ञान और नवाचार के उपयोग को व्यापक अवसर पैदा करने से जोड़ने की बात कही। 13 अक्टूबर को जारी भाषण के अंग्रेजी अनुवाद के अनुसार, उन्होंने अपने विचार को ‘Power to Empower’ नाम दिया और कहा कि क्षमता का मूल्य इस बात से तय होता है कि उसका लाभ कितने लोगों तक पहुँचता है।
प्रधानमंत्री ने भारत के डिजिटल भुगतान, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण और डिजिटल सार्वजनिक ढाँचे को समावेशी तकनीक के उदाहरणों के रूप में रखा। उन्होंने कहा कि भारत अपने डिजिटल अनुभव दूसरे देशों, विशेषकर ग्लोबल साउथ के साझेदारों, के साथ साझा कर रहा है ताकि वे अपनी जरूरतों के अनुसार प्रणालियाँ विकसित कर सकें।
संबोधन में स्टार्टअप, नवीकरणीय ऊर्जा और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई आँकड़े भी रखे गए। मोदी ने देश में 2.5 लाख से अधिक स्टार्टअप और लगभग 300 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का उल्लेख किया। उन्होंने अप्रैल–जून तिमाही की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत और विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर से अधिक बताया। ये वक्ता द्वारा प्रस्तुत आँकड़े हैं।
भाषण में आपूर्ति शृंखलाओं, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में भरोसे को बड़ी वैश्विक जरूरत बताया गया। प्रधानमंत्री का तर्क था कि प्रतिस्पर्धा के साथ सहयोग और राष्ट्रीय क्षमता के साथ वैश्विक समाधान भी जरूरी हैं। PIB ने स्पष्ट किया है कि प्रकाशित अंग्रेजी पाठ हिंदी में दिए मूल संबोधन का अनुमानित अनुवाद है।