मूल आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित स्रोत-संपादित समाचार। तारीख और कथन उसी विज्ञप्ति के संदर्भ में पढ़ें।
मसूरी में चल रहे अंतरराष्ट्रीय प्रशासनिक प्रशिक्षण में भाषा की बाधा कम करने के लिए भारतीय बहुभाषी कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंच ‘भाषिणी’ का इस्तेमाल किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की 13 अक्टूबर की विज्ञप्ति के अनुसार, शुरुआती सत्र में ‘श्रुतलेख’ ने अंग्रेजी से स्पेनिश और स्पेनिश से अंग्रेजी में वास्तविक समय अनुवाद उपलब्ध कराया।
राष्ट्रीय सुशासन केंद्र का शहरी सेवा वितरण पर क्षमता-विकास कार्यक्रम 12 से 23 अक्टूबर तक निर्धारित है। इसमें पेरू, कंबोडिया, नाइजीरिया, केन्या, फिलिस्तीन, लेबनान, गाम्बिया, इक्वाडोर और स्पेन के अधिकारी तथा सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हैं। कार्यक्रम विदेश मंत्रालय के ITEC ढाँचे के तहत आयोजित किया जा रहा है।
विज्ञप्ति के मुताबिक, भाषिणी दल ने प्रतिभागियों को मंच के इस्तेमाल और उसके स्वास्थ्य, वित्त, कृषि तथा सार्वजनिक सेवाओं में संभावित उपयोग की जानकारी दी। श्रुतलेख कार्यक्रम के दौरान परिचालन जरूरतों के अधीन उपलब्ध रहने वाला है; इसे किसी स्वतंत्र तकनीकी मूल्यांकन या त्रुटिरहित अनुवाद की गारंटी के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, भाषिणी तकनीक 2,353 सरकारी मंचों में जुड़ी है। मंच पाठ में 36 भारतीय भाषाओं, आवाज में 23 भारतीय भाषाओं और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का समर्थन बताता है। मसूरी का प्रयोग यह दिखाने की कोशिश है कि आवाज-आधारित अनुवाद अलग-अलग भाषाओं वाले अधिकारियों की भागीदारी को कैसे सरल बना सकता है।