सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं में लाइसेंस मिलना और ग्राहकों के लिए सेवा शुरू होना अलग चरण हैं। आकाशवाणी की 10 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कंपनियों को निर्धारित सुरक्षा और अन्य नियामकीय शर्तें पूरी करने के बाद ही सेवाएं शुरू करने दी जाएंगी। उन्होंने 9 अक्टूबर को नई दिल्ली में इंडिया मोबाइल कांग्रेस में यह बात कही।
मंत्री के अनुसार, स्टारलिंक, जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशंस और यूटेलसैट वनवेब को सैटेलाइट संचार लाइसेंस मिले हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित ढांचा अंतिम होने के बाद सरकार राजस्व-साझेदारी आधार पर स्पेक्ट्रम आवंटित करेगी। बयान में आवंटन को आगामी प्रक्रिया बताया गया है, पूरी हो चुकी कार्रवाई नहीं।
सिंधिया ने कहा कि सरकार की भूमिका ग्राहकों को विकल्प उपलब्ध कराना है। संचार मंत्रालय ने नियामकीय व्यवस्था को निष्पक्ष और भेदभावरहित बताया तथा सभी लाइसेंसधारकों के लिए सुरक्षा अनुपालन आवश्यक होने की बात दोहराई।
ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण अंतर यही है कि लाइसेंस की खबर से सेवा की उपलब्धता या शुरुआत की तारीख तय नहीं होती। रिपोर्ट में उपभोक्ता शुल्क, बुकिंग या सभी क्षेत्रों में उपलब्धता की घोषणा नहीं है।