नई दिल्ली। भारतीय नौसेना के गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस त्रिशूल ने परिचालन तैनाती के दौरान 14 से 17 सितंबर तक मिस्र के अलेक्जेंड्रिया बंदरगाह का दौरा किया। रक्षा मंत्रालय की 19 सितंबर की विज्ञप्ति के अनुसार बंदरगाह पहुंचने पर मिस्र की नौसेना के पोत अल कदीर ने भारतीय जहाज की अगवानी की।
पड़ाव के दौरान जहाज के कमांडिंग अधिकारी और चालक दल ने चैटबी युद्ध स्मारक पर दोनों विश्व युद्धों में मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। आधिकारिक विवरण में 12 सैनिकों की समाधियों और पूर्वी भूमध्य सागर में डूबे जहाजों पर जान गंवाने वाले 19 भारतीय सैनिकों के नाम दर्ज होने का उल्लेख है। मिस्र में भारत के राजदूत सुरेश के. रेड्डी ने भी जहाज का दौरा किया।
बंदरगाह प्रवास के बाद आईएनएस त्रिशूल ने मिस्र के पोत ईएनएस बर्नीस के साथ पैसेज एक्सरसाइज में भाग लिया। इसमें समन्वित युद्धाभ्यास, संचार अभ्यास और समुद्र में ईंधन भरने के लिए संपर्क जैसी गतिविधियां शामिल थीं। पैसेज अभ्यास सामान्यतः दो नौसेनाओं के बीच प्रक्रियागत तालमेल और संचार की जांच करता है; इसे किसी लड़ाकू कार्रवाई या सुरक्षा समझौते की घोषणा नहीं माना जाना चाहिए।
यह खबर रक्षा मंत्रालय की दिनांकित विज्ञप्ति का स्वतंत्र हिंदी सार है। आधिकारिक स्रोत ने इसे भारत–मिस्र समुद्री सहयोग और पेशेवर अनुभव साझा करने की गतिविधि बताया है, लेकिन किसी नए स्थायी तैनाती समझौते का उल्लेख नहीं किया। तस्वीर अलेक्जेंड्रिया यात्रा की सरकारी छवि है और स्रोत की पुन: उपयोग नीति के तहत श्रेय दिया गया है।