नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2026-27 के अप्रैल से अगस्त के बीच भारत का वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 399.27 अरब अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है। वाणिज्य मंत्रालय की 15 सितंबर की विज्ञप्ति के अनुसार पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 345.55 अरब डॉलर के मुकाबले यह 15.55 प्रतिशत वृद्धि का शुरुआती आकलन है।
इसी अवधि में वस्तुओं का निर्यात 215.91 अरब डॉलर बताया गया, जो एक साल पहले 183.21 अरब डॉलर था। गैर-पेट्रोलियम वस्तु निर्यात 157.89 अरब डॉलर से बढ़कर 180.61 अरब डॉलर होने का अनुमान है। मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं, पेट्रोलियम उत्पादों, इंजीनियरिंग सामान, रसायनों और कपड़ा उत्पादों को अगस्त की वस्तु-निर्यात वृद्धि के प्रमुख क्षेत्रों में गिना।
अगस्त में इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का निर्यात 2.93 अरब डॉलर से 5.55 अरब डॉलर, इंजीनियरिंग सामान 9.87 अरब डॉलर से 12.32 अरब डॉलर और पेट्रोलियम उत्पाद 4.17 अरब डॉलर से 6.81 अरब डॉलर बताया गया। प्रतिशत वृद्धि बड़ी दिख सकती है, लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों का आधार, मूल्य और मात्रा प्रभाव अलग होता है; डॉलर मूल्य में बढ़ोतरी को स्वतः उत्पादन या रोजगार वृद्धि नहीं माना जा सकता।
विज्ञप्ति ने स्पष्ट किया कि सेवा क्षेत्र के नवीनतम उपलब्ध पूर्ण आंकड़े जुलाई तक के थे और अगस्त का हिस्सा अनुमानित है। पुराने तथा चालू वर्ष के कुछ आंकड़े भुगतान संतुलन के बाद संशोधित किए गए हैं। इसलिए यह लेख इन संख्याओं को त्वरित अनुमान के रूप में प्रस्तुत करता है, अंतिम व्यापार लेखा के रूप में नहीं। तस्वीर मंत्रालय का आधिकारिक चार्ट है और स्रोत की पुन: उपयोग नीति के तहत दी गई है।