आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना के पांचवें चरण में 20 अगस्त तक 6,73,979 गारंटियां जारी होने और उनकी राशि 2,50,024 करोड़ रुपये पहुंचने की जानकारी केंद्र सरकार ने दी है। आधिकारिक विवरण के अनुसार संख्या के आधार पर एमएसएमई की हिस्सेदारी 97.3 प्रतिशत और गारंटी राशि में 80.79 प्रतिशत रही। ईसीएलजीएस 5.0 को बाहरी आर्थिक व्यवधानों से प्रभावित पात्र व्यवसायों के लिए अतिरिक्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मई 2026 में मंजूरी मिली थी।
योजना नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी के जरिए लागू होती है। इसमें अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, सहकारी बैंक, वित्तीय संस्थान और पात्र गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां सदस्य ऋणदाता के रूप में भाग ले सकती हैं। सरकार की गारंटी ऋणदाता का जोखिम कम करती है, लेकिन किसी आवेदक को ऋण अपने-आप नहीं मिलता; खाते की स्थिति, कारोबार की पात्रता और लागू ऋण मानदंडों की जांच संबंधित संस्था करती है। पात्र आवेदक जन समर्थ पोर्टल से प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
ईसीएलजीएस 5.0 की समयसीमा 31 मार्च 2027 या कुल 2.55 लाख करोड़ रुपये की गारंटी जारी होने तक है—जो पहले हो। सभी क्षेत्रों के एमएसएमई शामिल हैं, जबकि कुछ गैर-एमएसएमई क्षेत्रों के लिए अलग अपवर्जन लागू हैं। प्रकाशित आंकड़े जारी गारंटियों को बताते हैं, वास्तविक वितरण, पुनर्भुगतान गुणवत्ता या बची नौकरियों का स्वतंत्र आकलन नहीं। योजना के प्रभाव का अधिक ठोस मूल्यांकन ऋण वितरण, चूक दर, रोजगार और कारोबार निरंतरता के बाद के आंकड़ों से होगा।