कोयला मंत्रालय ने 17 सितंबर को वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी का 16वां चरण शुरू किया। इसमें अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में स्थित 25 कोयला ब्लॉक पेश किए गए हैं। मंत्रालय के अनुसार इनमें 21 पूर्ण रूप से और चार आंशिक रूप से खोजे गए ब्लॉक हैं। छह ब्लॉक कोयला खान विशेष प्रावधान कानून और 19 खनिज विकास एवं विनियमन कानून के तहत रखे गए हैं।
कार्यक्रम में पिछले दौर में नीलाम छह खदानों के सफल बोलीदाताओं को खदान विकास और उत्पादन समझौते सौंपे गए। इन खदानों का संयुक्त भूवैज्ञानिक भंडार करीब 1,504 मिलियन टन और अधिकतम उत्पादन क्षमता सालाना 11.62 मिलियन टन बताई गई। आधिकारिक अनुमान में संचालन शुरू होने पर लगभग 1,984 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व, 1,743 करोड़ रुपये पूंजी निवेश और करीब 15,700 रोजगार की संभावना जताई गई है। ये अनुमान हैं; खदान खुलने, मंजूरियों और वास्तविक उत्पादन से पहले इन्हें हासिल परिणाम नहीं माना जा सकता।
नीलामी ढांचे में अंतिम उपयोग की पाबंदी नहीं और स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति बताई गई है। मंत्रालय का कहना है कि 2020 के बाद अब तक 147 खदानों की नीलामी हुई है। उत्पादन और निवेश के साथ पर्यावरण स्वीकृति, भूमि, पुनर्वास, जल उपयोग और स्थानीय समुदायों पर प्रभाव भी परियोजना-विशिष्ट निगरानी मांगते हैं। आगे की वास्तविक स्थिति बोली, वैधानिक मंजूरियों, उत्पादन आरंभ और सार्वजनिक अनुपालन रिपोर्टों से स्पष्ट होगी।