नई दिल्ली। बिम्सटेक की पहली गृह मंत्रियों की बैठक दिल्ली घोषणा को स्वीकार करने के साथ संपन्न हुई। 14 अक्टूबर की आधिकारिक प्रसारण रिपोर्ट के अनुसार सदस्य देशों ने सीमा-पार आतंकवाद समेत आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप निरंतर कार्रवाई की प्रतिबद्धता दोहराई।
घोषणा में मानव तस्करी, मादक पदार्थ और उनके पूर्ववर्ती रसायन तथा धनशोधन के खिलाफ तैयार कार्ययोजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया गया। कट्टरपंथ और आतंकवाद से मुकाबले वाले उप-समूह की कार्ययोजना को अंतिम रूप देने पर भी जोर है। ये नीतिगत प्रतिबद्धताएं हैं; इनके व्यावहारिक परिणाम संसाधन, सूचना साझेदारी और राष्ट्रीय क्रियान्वयन पर निर्भर करेंगे।
सदस्य देशों ने मार्च 2022 में कोलंबो में पांचवें शिखर सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षरित आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता संबंधी बिम्सटेक कन्वेंशन के प्रभावी क्रियान्वयन की बात कही। क्षेत्रीय सहयोग के आधार के रूप में संप्रभु समानता, क्षेत्रीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने, अनाक्रमण और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांत दोहराए गए।
बिम्सटेक दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ने वाला मंच है, इसलिए सुरक्षा सहयोग का असर सीमापार अपराध, तस्करी और जांच सहायता तक हो सकता है। फिर भी घोषणा को किसी नई बाध्यकारी घरेलू कानून व्यवस्था के बराबर नहीं समझना चाहिए। यह खबर दिनांकित स्रोत का स्वतंत्र हिंदी सार है; आगे की प्रगति लागू कार्ययोजनाओं, साझा तंत्र और सार्वजनिक रिपोर्टिंग से मापी जानी चाहिए।