मूल आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित स्रोत-संपादित समाचार। तारीख और कथन उसी विज्ञप्ति के संदर्भ में पढ़ें।
झारखंड के जादूगोड़ा में भूमिगत खदान के 815 मीटर स्तर पर प्रस्तावित डार्क मैटर प्रयोगशाला के नए स्थल का दौरा किया गया है। परमाणु ऊर्जा विभाग की 5 अक्टूबर को जारी सूचना के अनुसार, परमाणु ऊर्जा आयोग की सदस्य-वित्त सीमा जैन ने यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के कार्यक्रम के दौरान यह स्थल देखा। कार्यक्रम 4 अक्टूबर को हुआ था; विभाग ने उसका विवरण आज सार्वजनिक किया है।
सूचना में स्थल को प्रस्तावित बताया गया है। इसलिए इस दौरे को नई प्रयोगशाला का उद्घाटन, उसका संचालन शुरू होना या कोई वैज्ञानिक खोज होना नहीं कहा जा सकता। उपलब्ध विवरण में प्रयोगशाला के चालू होने की तारीख, परियोजना लागत या प्रयोगों के परिणाम नहीं दिए गए हैं।
सीमा जैन ने जादूगोड़ा के अनुसंधान एवं विकास केंद्र में प्रौद्योगिकी प्रदर्शन पायलट संयंत्र का भी दौरा किया। यूसीआईएल परमाणु ऊर्जा विभाग के अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है और यूरेनियम खनन तथा अयस्क प्रसंस्करण का काम करता है। विभाग ने यह जानकारी कंपनी के हीरक जयंती वर्ष कार्यक्रम के संदर्भ में दी है।
कार्यक्रम के साथ नरवापहाड़ के सूचना केंद्र में पत्रकार कार्यशाला और परमाणु ऊर्जा विभाग की प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी आयोजित की गई। इसमें विभाग की इकाइयों तथा संस्थानों की तकनीकों और उनके अनुप्रयोगों को प्रस्तुत किया गया। मीडिया प्रतिनिधियों ने वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों से बातचीत की।
पत्रकारों को यूरेनियम खनन और मिलिंग सुविधाएं भी दिखाई गईं, जहां अयस्क के रखरखाव, प्रसंस्करण और परिचालन प्रणालियों की जानकारी दी गई। यह खबर विभाग द्वारा बताए गए कार्यक्रम और स्थल-दौरे पर आधारित है; इसे खदान की सुरक्षा, पर्यावरणीय प्रदर्शन या प्रस्तावित प्रयोगशाला की तैयारियों का स्वतंत्र मूल्यांकन नहीं माना जाना चाहिए।