देहरादून। भारत मौसम विज्ञान विभाग के 16 अक्टूबर के पूर्वानुमान में उत्तराखंड में गरज-चमक, बिजली और झोंकेदार हवा की संभावना जताई गई है। इसी अवधि में हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भी ऐसी स्थितियों का उल्लेख है। यह राज्य-स्तरीय पूर्वानुमान है; किसी खास जिले, घाटी या ऊंचाई वाले क्षेत्र में बारिश और हवा की तीव्रता स्थानीय बुलेटिन के अनुसार अलग हो सकती है।
पर्वतीय सड़कों पर अचानक बारिश के दौरान दृश्यता घट सकती है और ढलानों से पत्थर गिरने, फिसलन या छोटे अवरोध की आशंका बढ़ती है। यात्रियों को प्रस्थान से पहले जिला प्रशासन, यातायात पुलिस और मौसम विभाग की नवीनतम सूचना देखनी चाहिए। नदी किनारे, खुले शिखर, पेड़ या बिजली के खंभों के पास आंधी-बिजली के समय रुकना जोखिम बढ़ा सकता है।
बिजली चमकने पर खुले मैदान से हटकर सुरक्षित भवन या बंद वाहन में जाना, अनावश्यक विद्युत उपकरणों को अलग करना और पशुओं को खुले स्थान से हटाना सामान्य सावधानी है। आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन की सलाह प्राथमिक होगी। मौसम चेतावनी संभावना बताती है; इसका अर्थ यह नहीं कि उत्तराखंड के प्रत्येक हिस्से में समान घटना निश्चित रूप से होगी।
आकाशवाणी की दिनांकित रिपोर्ट में दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी और उत्तराखंड के लिए गरज-चमक तथा तेज हवा का पूर्वानुमान दर्ज है। यह समाचार उसी स्रोत का स्वतंत्र हिंदी सार है। पाठक यात्रा या आयोजन का निर्णय लेते समय आईएमडी के अब-कास्ट, जिला बुलेटिन और आधिकारिक मार्ग स्थिति को अंतिम आधार बनाएं।