बंगाल की खाड़ी क्षेत्रीय सहयोग संगठन BIMSTEC की पहली गृह मंत्रियों की बैठक 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में शुरू हुई। आकाशवाणी की दिनांकित रिपोर्ट के अनुसार, भारत इसकी मेजबानी कर रहा है और बैठक का प्रमुख विषय सदस्य देशों के बीच सुरक्षा समन्वय है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवाद, सीमा-पार संगठित अपराध, नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों, कट्टरपंथ, मानव तस्करी, अवैध वित्तीय प्रवाह और साइबर खतरों को साझा चुनौतियों में गिनाया। उनका कहना था कि निर्णायक समन्वय से BIMSTEC क्षेत्र को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में काम किया जा सकता है।
BIMSTEC की स्थापना 1997 में आर्थिक और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हुई थी। इसके सात सदस्य बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड हैं। समूह दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया को बंगाल की खाड़ी के माध्यम से जोड़ता है।
रिपोर्ट बैठक के आरंभ और मंत्री के संबोधन की जानकारी देती है; इसमें किसी संयुक्त घोषणा, बाध्यकारी समझौते या अंतिम निर्णय का उल्लेख नहीं है। इसलिए सुरक्षा सहयोग की वास्तविक दिशा बैठक के बाद जारी आधिकारिक निष्कर्षों और सदस्य देशों की सहमति से स्पष्ट होगी।