कोलकाता। पंचमी के साथ पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा उत्सव की गतिविधियां तेज हो गईं। आकाशवाणी की 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार राज्य भर में लगभग 57,500 पूजा आयोजन हो रहे हैं, जिनमें कोलकाता के 3,300 से अधिक आयोजन शामिल हैं। थीम आधारित पंडाल, रोशनी और प्रतिमाएं बड़ी संख्या में दर्शनार्थियों को आकर्षित कर रही हैं।
पुलिस और नागरिक निकायों ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था बढ़ाई है। बड़े पंडालों के आसपास मार्ग परिवर्तन, पैदल प्रवेश और पार्किंग नियम स्थान तथा समय के अनुसार बदल सकते हैं। यात्रियों को निकलने से पहले स्थानीय पुलिस और परिवहन विभाग की नवीनतम सलाह देखनी चाहिए।
भीड़ वाले क्षेत्र में बच्चों और बुजुर्गों के साथ संपर्क योजना बनाना, आवश्यक दवाएं रखना, निकास मार्ग पहचानना और अफवाहों पर प्रतिक्रिया न देना सामान्य सावधानियां हैं। किसी आपात स्थिति में आयोजक के स्वयंसेवक और पुलिस नियंत्रण कक्ष का निर्देश प्राथमिक होगा। स्रोत रिपोर्ट प्रत्येक पंडाल की अलग क्षमता या समयसारिणी नहीं देती।
दुर्गा पूजा कला, सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय अर्थव्यवस्था का बड़ा अवसर है, पर आग सुरक्षा, अस्थायी संरचना और स्वच्छता मानकों का पालन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यह समाचार दिनांकित स्रोत का स्वतंत्र हिंदी सार है। चित्र 2018 के एक पंडाल का प्रतिनिधि फोटो है, वर्तमान आयोजन का दृश्य नहीं।