उत्तराखंड में 26 सितंबर को भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी के बाद बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर के लिए रेड अलर्ट दर्ज किया गया था। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने और किसी आपात स्थिति के लिए तैयारी बनाए रखने को कहा। यह रिपोर्ट उस तारीख की चेतावनी का अभिलेख है; रेड अलर्ट समय-सीमित होता है और इसे आज या किसी भविष्य की तारीख के मौसम पूर्वानुमान की तरह नहीं पढ़ा जाना चाहिए।
प्राधिकरण ने संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र सक्रिय रखने, बचाव एजेंसियों के साथ समन्वय और जरूरी उपकरण तथा संसाधन तैयार रखने के निर्देश बताए। पर्वतीय जिलों में भारी वर्षा के दौरान भूस्खलन, नालों का तेज बहाव, सड़क अवरोध और संचार टूटने का जोखिम बढ़ सकता है, जबकि ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी क्षेत्र में जलभराव और नदी-नालों के स्तर पर नजर जरूरी होती है। स्थानीय प्रशासन की निकासी या मार्ग बंद करने की सूचना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
ऐतिहासिक मौसम खबरों में तारीख स्पष्ट रखना सार्वजनिक सुरक्षा के लिए आवश्यक है। पाठक वर्तमान यात्रा निर्णय के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग, राज्य आपात केंद्र और संबंधित जिला प्रशासन का नवीनतम बुलेटिन देखें। अनजान जलधारा पार न करें, बंद मार्ग पर आगे न बढ़ें और अफवाह वाले संदेश साझा करने से पहले आधिकारिक पुष्टि लें। साथ लगी Creative Commons तस्वीर अल्मोड़ा के ऊपर पुराने घने बादलों की प्रतिनिधि छवि है, 26 सितंबर के पांच जिलों की वास्तविक स्थिति का दृश्य नहीं।