भारत समुद्री बीमा पूल समुद्री परिवहन से जुड़े जोखिमों के लिए देश में बीमा क्षमता बढ़ाने की व्यवस्था है। PIB ने 27 सितंबर 2026 को प्रकाशित विवरण में बताया कि इसे मई 2026 में शुरू किया गया था। यह आज शुरू हुई नई योजना नहीं है।
आधिकारिक विवरण के अनुसार, पूल की कुल कवरेज क्षमता 13,906.50 करोड़ रुपये है। इसमें भारतीय ध्वज वाले या भारतीय संस्थाओं के स्वामित्व, प्रबंधन अथवा नियंत्रण वाले जहाजों से जुड़े जोखिम शामिल किए गए हैं। जहाज के ढांचे और मशीनरी के अलावा माल, संरक्षण एवं क्षतिपूर्ति तथा युद्ध जोखिम का भी उल्लेख है।
पॉलिसियां घरेलू बीमा कंपनियां जारी करती हैं। सदस्यों की प्रतिबद्धताओं के आधार पर जोखिम का सामूहिक पुनर्बीमा होता है। सरकार का घोषित उद्देश्य विदेशी बीमाकर्ताओं पर निर्भरता घटाना और अंतरराष्ट्रीय व्यवधानों के बीच कवरेज उपलब्ध रखना है।
समुद्री मार्ग भारत के माल और ऊर्जा परिवहन के लिए महत्वपूर्ण हैं, इसलिए बीमा व्यवस्था का संबंध व्यापार की निरंतरता से भी है। यह लेख आधिकारिक व्यवस्था का परिचय है, किसी विशेष पॉलिसी की पात्रता या दावा मंजूर होने की गारंटी नहीं।