मूल आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित स्रोत-संपादित समाचार। तारीख और कथन उसी विज्ञप्ति के संदर्भ में पढ़ें।
केंद्र सरकार ने निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट वाली RoDTEP योजना को 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया है। वाणिज्य विभाग ने 2 अक्टूबर को जारी जानकारी में बताया कि यह विस्तार 30 सितंबर की अधिसूचना संख्या 41/2026-27 के माध्यम से किया गया है। यानी आज जारी सूचना पहले की अधिसूचना का विवरण देती है।
योजना घरेलू टैरिफ क्षेत्र की इकाइयों, अग्रिम प्राधिकरण धारकों, विशेष आर्थिक क्षेत्र की इकाइयों और निर्यातोन्मुखी इकाइयों द्वारा किए गए पात्र निर्यात पर उपलब्ध होगी। इन श्रेणियों का उल्लेख आधिकारिक विज्ञप्ति में है; इसे हर निर्यात लेनदेन पर बिना शर्त लाभ की घोषणा नहीं समझना चाहिए।
RoDTEP का उद्देश्य निर्यातित उत्पादों पर वहन किए गए ऐसे केंद्रीय, राज्य और स्थानीय शुल्कों, करों तथा उपकरों की वापसी है, जिनकी अन्यथा प्रतिपूर्ति नहीं हुई है। इसमें उत्पादन के पूर्ववर्ती चरणों के संचित अप्रत्यक्ष कर भी शामिल हैं। इस प्रकार यह निर्यात लागत में शामिल करों की प्रतिपूर्ति से जुड़ी व्यवस्था है।
विस्तार के साथ नई दरों की घोषणा नहीं की गई है। विभाग के अनुसार, 30 सितंबर को लागू परिशिष्ट 4आर और 4आरई की मौजूदा दरें और मूल्य सीमाएं बढ़ी हुई अवधि में अपरिवर्तित रहेंगी। निर्यातकों के लिए मुख्य बदलाव योजना की समय-सीमा है, न कि इस सूचना के आधार पर अधिक भुगतान का अधिकार।
सरकार ने इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए निर्यातकों को सहायता देने का कदम बताया है। किसी खास उत्पाद पर लागू दर या सीमा जानने के लिए संबंधित अधिसूचना और परिशिष्ट देखना आवश्यक है; संक्षिप्त घोषणा अलग-अलग उत्पादों की पूरी सूची नहीं देती।