मूल आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित स्रोत-संपादित समाचार। तारीख और कथन उसी विज्ञप्ति के संदर्भ में पढ़ें।
देशभर में 2 अक्टूबर को प्रस्तावित विशेष ग्राम सभाओं में गांवों की जरूरतों और विकास की प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी। पंचायती राज मंत्रालय की 1 अक्टूबर की सूचना के अनुसार, इसी अवसर पर “सबकी योजना, सबका विकास” जन योजना अभियान 2026-27 शुरू होगा। इसके तहत वित्त वर्ष 2027-28 की ग्राम पंचायत विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी।
योजना बनाने का आधार स्थानीय भागीदारी और उपलब्ध साक्ष्य होंगे। नागरिक तथा स्थानीय प्रतिनिधि सरकारी योजनाओं के लाभ और उनके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे। गांव की जरूरतों, सेवा संबंधी कमियों और आगामी कामों की प्राथमिकताओं को सामने लाना इस प्रक्रिया का प्रमुख हिस्सा है।
मंत्रालय के अनुसार, जन योजना अभियान 2018 से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है। 2.55 लाख से अधिक ग्राम पंचायतें अपनी विकास योजनाएं तैयार करके ई-ग्रामस्वराज पर अपलोड करती हैं। पंचायत उन्नति सूचकांक उपलब्धियों और कमियों की पहचान करने में मदद करता है, ताकि अगले वर्ष की योजना स्थानीय स्थिति पर आधारित हो।
विशेष ग्राम सभाओं में सार्वजनिक सेवाओं, डिजिटल बदलाव, सहकारी समितियों और महिलाओं तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी पहलों पर भी चर्चा प्रस्तावित है। स्वच्छता अभियान के समापन के साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 को भी चर्चा में शामिल करने की जानकारी दी गई है।
नागरिकों से अपने अनुभव, प्रतिक्रिया और सुझाव साझा करने की अपील की गई है। यह सूचना आगामी बैठकों की घोषणा है, किसी गांव में बैठक संपन्न होने या नए काम को बजट स्वीकृत होने का प्रमाण नहीं। मंत्रालय की राष्ट्रीय सूचना में प्रत्येक ग्राम पंचायत का स्थान और समय नहीं दिया गया है; भाग लेने से पहले स्थानीय पंचायत की सूचना देखना उपयोगी होगा।